Tuesday, 10 July 2012

kumar vishwas 2012 #hindi #shayri #poems



"अपना कार-ए-जहाँ मुकम्मल है
आपकी खूब मेहरबानी है
रोज़ बस इंतज़ार करना है
रोज़ बस आस टूट जानी है..!!"

Photo: "अपना कार-ए-जहाँ मुकम्मल है
 आपकी खूब मेहरबानी है
 रोज़ बस इंतज़ार करना है
 रोज़ बस आस टूट जानी है..!!" 
"रात की सिलवटों पे फैले हुए,
ओस के फूल चुन भी लेता हूं ,
तुम तबस्सुम से बोल देती हो ,
मैं निगाहों से सुन भी लेता हूं....



                                     ख़्वाब इतने तो दगाबाज़ न थे मेरे कभी ?
ख्व़ाब इतनी तो मेरी नीँद नहीं छलते थे ?
रात कि बात क्या इक दौर में ये ख़ानाबदोश 
दिन निकलते ही मेरे साथ-साथ चलते थे, 

मैं इन्हें जब भी पनाहों में जगह देता हुआ 
अपनी पलकों की मुडेरों पे सजा लेता था ,
पूरा मौसम इन्ही ख्वाबों की सुगंधों से सजा 
मेरे चटके हुए नग्मों का मज़ा लेता था ,

कुछ हवाओं के परिंदे इन्ही ख़्वाबों में लिपट 
चाँद के साथ मेरी छत पे आ के मिलते थे ,
ये आँधियों को दिखा कर मुराद
और ये आज की शब इनकी हिमाकत देखो 

इतनी मिन्नत पे भी ये एक पलक-भर ना रुके, 
इनकी औकात कहाँ ?ये है मुकद्दर का फ़रेब 
इतनी जिल्लत कि मेरे इश्क़ का दस्तार झुके, 
ये भी दिन देखने थे आज तुम्हारे बल पर 

ख़्वाब कि मुर्दा रियाया के भी यूँ पर निकले 
तुम्हारी बातें, निगह, वादे तो तुम जैसे थे 
तुम्हारे ख्वाब भी तुम जैसे ही शातिर निकले ......

Khwaab itne to dagabaaz na the mere kabhi 
khwaab itni to meri neend nahi chhalte the 
raat ki baat kya ik daur me ye khanabdosh 
din nikalte hi mere saath saath chalte the

main inhe jab bhi panahon me jagah deta hua 
apni palko ki munderon pe saza leta tha 
poora mausam inhi khwaabon ki sugandhon se saza
mere chatke hue nagmo ka maza leta tha 

kuch hawaaon ke parinde inhi khwaabon me lipat
chaand ke sath meri chhat pe aa ke milte the 
ye aandhiyon ko dikha kar muraad 
aur ye aaj ki shab inki himaakat dekho 

itni minnat pe bhi ye ek palak bhar na ruke 
inki aukaat kahaan ye hai mukaddar ka fareb
itni zillat ki mere ishq ka dastaar jhuke 
ye bhi din dekhne the aaj tumhare bal par 

khwaab ki murda riyaayaa ke bhi yun par nikale
tumhari baatein nigaah vaade to tum jaise the 
tumhaare khwaab bhi tum jaise hi shaatir nikale...

-- Kumar Vishwas


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